राजनैतिक चिन्तन व वेदान्त का प्रभाव: स्वामी विवेकानन्द के विशेष संदर्भ में
Author(s): भवानी मल खटीक
Abstract: स्वामी विवेकानन्द भारतीय राजनीति में एक चिन्तक के रूप में जाने जाते हैं। उनके साहित्य को स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर पढ़ाया जाता है ताकि हमारा युवा छात्र उनके चिन्तन पर अपना पक्ष प्रस्तुत कर सके। भारतीय चिन्तकों के साथ ही पाश्चात्य चिन्तकों ने समाज के विभिन्न पक्षों पर अनेक आयामों में चिन्तन किया है। पाश्चात्य देशों में स्वतन्त्र रूप से राजनीतिक चिन्तन यूनान के सुप्रसिद्ध दार्शनिक प्लेटो तथा अरस्तू से प्रारम्भ हुआ था। भारतीय सन्दर्भ में चिन्तन धारा एवं वैचारिक दृष्टिकोण की बात करें तो भारतीय समाजिक, राजनीतिक, आर्थिक एवं धार्मिक चिन्तन का उद्गम समाज सुधार एवं धर्म सुधार आन्दोलनों के रूप में हुआ है। भारतीय चिन्तकों की परम्परा में राजाराम मोहन राय स्वामी, दयानन्द सरस्वती, स्वामी विवेकानन्द, महात्मा गाँधी आदि प्रमुख हैं। यह देखा गया है कि स्वमी विवेकाननन्द के राजनीतिक विचारों का मुख्य आधार वेदान्त है।
भवानी मल खटीक. राजनैतिक चिन्तन व वेदान्त का प्रभाव: स्वामी विवेकानन्द के विशेष संदर्भ में. Int J Political Sci Governance 2025;7(6):173-176. DOI: 10.33545/26646021.2025.v7.i6b.603