भारतीय निर्वाचन आयोग के कार्य एवं चुनौतियाँः समकालीन परिप्रेक्ष्य में एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
Author(s): नरेन्द्र कुमार मीना
Abstract: भारत एक विशाल लोकतांत्रिक गणराज्य है, जहाँ जनप्रतिनिधियों का चयन नियमित अंतराल पर निष्पक्ष प्रक्रिया द्वारा होता है। इस पूरी व्यवस्था के संचालन का दायित्व “भारत निर्वाचन आयोग“ पर है। यह संस्था संविधान द्वारा स्थापित एक स्वायत्त निकाय है, जिसकी नींव अनुच्छेद 324 में निहित है। निर्वाचन आयोग की स्थापना वर्ष 25 जनवरी 1950 को हुई। प्रारंभ में इसमें केवल एक मुख्य आयुक्त नियुक्त किया गया था, किंतु समय के साथ कार्यभार बढ़ने पर इसे बहु-सदस्यीय रूप प्रदान किया गया। वर्तमान में मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार (19 फरवरी 2025 से वर्तमान तक) कार्यरत हैं। मुख्य आयुक्त का चनय राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है तथा आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रपति इनके कार्यकाल में विस्तार भी कर सकता है। आयोग का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। इस अध्ययन में भरत के निर्वाचन आयोग की स्थापन, उसका संगठन, इसके विभिन्न कार्य तथा उसकी वर्तमान चुनौतियाँ पर चर्चा कर उसके समाधान का प्रयास किया गया है।
अध्ययन के उद्देश्य
1. भारतीय निर्वाचन आयोग की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि व संरचना का अध्ययन करना।
2. भारतीय निर्वाचन आयोग के कार्य का अध्ययन करना।
3. भारतीय निर्वाचन आयोगकी वर्तमान चुनौतियों व उनके समाधान का अध्ययन कर जानकारी प्राप्त करना।
अध्ययन शोध पद्धति: इस शोध पत्र में “भारतीय निर्वाचन आयोग के कार्य एवं चुनौतियाँ: समकालीन परिप्रेक्ष्य में एक विश्लेषणात्मक अध्ययन“ का मूल्यांकन हेतु वर्णनात्मक, विश्लेषणात्मक अध्ययन पद्धति का प्रयोग करते हुए विषय से संबंधित पुस्तकों, शोध पत्रिकाएं, इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री, समाचार पत्रों में प्रकाशित लेख, विषय विशेषज्ञों द्वारा लिखित लेख, सरकारी संगठनों की वार्षिक रिपोर्ट, में उपलब्ध जानकारी एवं समीक्षा कर विश्लेषण करने का प्रयास किया गया है।
DOI: 10.33545/26646021.2025.v7.i6a.659Pages: 66-69 | Views: 369 | Downloads: 8Download Full Article: Click Here
How to cite this article:
नरेन्द्र कुमार मीना.
भारतीय निर्वाचन आयोग के कार्य एवं चुनौतियाँः समकालीन परिप्रेक्ष्य में एक विश्लेषणात्मक अध्ययन. Int J Political Sci Governance 2025;7(6):66-69. DOI:
10.33545/26646021.2025.v7.i6a.659